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Monday, 30 January 2017

चीनी खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है

"विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार लोगों को अपने खाने में मीठे की मात्रा कुल कैलोरी के दस फीसदी से अधिक नहीं रखनी चाहिए व बढ़ती उम्र के साथ इसे पांच प्रतिशत तक कर देना चाहिए। मीठे के नाम पर चीनी सेहत बिगाड़ती है, क्योंकि यह प्राकृतिक न होकर कृत्रिम होती है।
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आखिर क्या है शक्कर: चीनी एक तरह की कार्बोहाइड्रेट है, जो कई रूप में होती है। यह मुख्य दो तरह की होती है। पहली प्राकृतिक हैं। इसमें ग्लूकोज, फ्रक्टोज, गैलेक्टोज होता है। दूसरी डाईसैक्कैराइड है जिसे रिफाइंड शुगर भी कहते हैं। इसमें लैक्टोज, माल्टोज और सुक्रोज जैसे तत्त्व होते हैं।
# फ्रक्टोज को फ्रूट शुगर भी कहते हैं जो फल, जमीन में उगने वाली सब्जियोंं, गन्ने और शहद में पाया जाता है।
# गैलेक्टोज की अकेले के रूप में पहचान नहीं है लेकिन यह लैक्टोज के साथ मिलकर काम करता है।
# ग्लूकोज पौधों व फलों में होता है जो शरीर में जाकर ऊर्जा में बदल जाता है।
# लैक्टोज को मिल्क शुगर भी कहते हैं जो दूध या दूध से बनी चीजों में पाया जाता है।
# माल्टोज कई अनाजों में पाया जाता है। खासतौर पर जौ में यह ज्यादा होता है।
# सुक्रोज गन्ने के तने और चुकंदर की जड़ों में पाया जाता है। साथ ही यह कुछ फलों और पौधों में ग्लूकोज के साथ होता है।
प्राकृतिक और रिफाइंड चीनी में अंतर:
प्राकृतिक रूप से मीठा जो साबुत अनाज फल, सब्जियां, बींस, मेवे से मिलता है सेहत के लिए फायदेमंद है। इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल व खासकर फाइबर शरीर में शुगर की मात्रा को सीमित रखकर ब्लड शुगर सही रखते हैं। असल समस्या सेहत को उस चीनी से है, जो फैक्ट्री में प्रोसेसिंग के बाद मार्केट में उपलब्ध होती है या मीठे का स्वाद बढ़ाने के लिए अलग से मिलाई जाती है। इसे रिफाइंड शुगर कहते हैं।"

Saturday, 21 November 2015

सोते समय सिर पर कुछ बांधना हानिकारक?

सर्दियों के मोसम में ठण्ड से बचना चाहिए| पर कुछ व्यक्ति ठण्ड से इतना अधिक डरते हें, कि रात को बंद कमरे में सोते समय भी सर पर कपड़ा/ टोपी/ मफलर आदि बंधते हें| साथ हीपैरों में मोज़े भी पहनते हें|

    सोते समय सर पर कपड़ा बाँधने या मोज़े पहनने या कसे हुए कपडे पहनने से शरीर का रक्त संचार प्रभावित होता है| सामान्यत: सोते समय शरीर की गति मंद होने से रकत का संचार कम रहता ही है, फिर कपडे आदि के कसने से रक्त प्रवाह और भी कम  हो जाता है|

   हाथ पैरों में झुनझुनी, सक्रियता में कमी, शिर कसने से स्मरणशक्ति पर प्रभाव, आदि इस शक्ती की कमी के उदाहरण है|
   इसलिए सोते समय सर पर कपड़ा कसना मोज़े पहनना त्याग देना चाहिए| जानना चाहिए की प्राण वायु केवल नाक या मुहं से श्वास के साथ प्रवेश नही करती, शरीर की त्वचा से भी प्रवेश करती है|
सोते समय ठण्ड से बचने चादर/ कम्बल/ या रुई (सिंथेटिक नहीं) की रजाई इस तरह से ओड कर सोना की श्वास के लिए ताजी हवा आती जाती रहे, श्रेष्ट होता है|
     कसे जाने पर रक्त प्रवाह और कम हो जाता है, इससे मस्तिष्क, आदि को पोषण हेतु ओक्सिजन आदि भी कम मिल पाती है| इसके परिणाम से उस अवयव की शक्ती प्रभावित होती है|