Thursday, 8 September 2016

अल्सर होने का कारण

👉अधिक धूम्रपान करने से आमाशय यानि की पेट मे अल्सर होने की संभावना अधिक रहती है।

👉अधिक शराब पीने से भी पेट या आंत(intestine) में ulcer हो जाता है।

👉कॉफ़ी(coffee) या फिर चाय(tea) का भी अधिक सेवन करने से अल्सर(ulcer) हो सकता है।

👉खाने में ज्यादा गरम मसाले का इस्तेमाल करने से भी पेट में अल्सर(ulcer) होता है।

👉ज्यादा तनाव में रहने से भी stomach में अल्सर होने की संभावना रहती है।
Kaie baar upar diye gaye chijo ka adhik sewan karne se mouth ulcer bhi hone ka khatra rahta hai.

✍अल्सर के लक्षण / Ulcer ka Lakshan / Symptoms of Alsar
Alsar ke lakshan ko pakdna thoda aasan hai. Agar aapko hamesha thoda thoda pet mein dard rahta ho ya niche diye gaye kuch lakshan match karte ho to aapko alsar ki bimari ho sakti hai.
पेट में हमेशा दर्द होना ।
बदहज़मी ।
उल्टी होना या उल्टी से खून निकलना ।
ह्रदय में जलन होना।
मल से खून आना ।
वजन का घटना आदि ये सरे अल्सर के लक्षण होते है ।

👉🌻अल्सर का इलाज / Ulcer ka ilaj / Treatment of Alsar

🌻1. शहद(honey)
औषधीय गुणों से भरपूर शहद (honey) जिसे मधु के नाम से भी जाना जाता है पेट के अन्दर की जख्मो पर मरहम का काम करता है। अगर आपके पेट या आंत में अल्सर हो गया हो तो आप दिन में किसी भी समय एक बार १ से २ चम्मच सुद्ध शहद को जरुर से खाएं क्योंकि शहद पेट व आंत में हुए घाव को नष्ट कर देता है जिससे अल्सर जल्द ही ठीक हो जाता है ।

🌻2. मेथी के दाने (fenugreek)
अल्सर को ठीक करने में मेथी भी बहुत फायदेमंद होता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए पहले एक glass पानी में एक से डेढ़ चम्मच मेथी के दाने को डालकर उसे कुछ देर तक उबाल लीजिए और फिर उस पानी के ठंडा होने पर छान लीजिए। अब मेथी ( fenugreek ) के पानी में एक चम्मच शहद (honey) को मिला कर उसे पी लीजिए। हर रोज दिन में एक बार मेथी के पानी में शहद को मिला कर पीने से आप अल्सर की समस्या से छुटकारा पा सकते है ।

🌻3. पत्ता गोभी (cabbage)
पत्तागोभी(cabbage) को भी stomach ulcer के लिए एक बेहतरीन औषधि माना जाता है। इसके सेवन से पेट के अन्दर की सहत को energy मिलती है जो की अल्सर को ठीक करने में सहायक होती है। इसे इस्तेमाल करने के लिए पहले पत्ता गोभी को काट कर उसे अच्छे से साफ़ पानी से धो लें और फिर उसमे थोड़ा पानी मिक्स कर के उसे पीस लें। पीसे हुए पत्ता गोभी ( cabbage ) के जूस को छान कर रात को जब सोने जा रहे हों तो उससे पहले पी लें इससे अल्सर ठीक होता है ।

🌻4. नारियल पानी
हर रोज सुबह सुबह खाली पेट ताजे नारियल का पानी के सेवन से पेट या आंत में हुए अल्सर ठीक होते है।

5. केला(banana), vegetable juice, aloe vera,, कच्चा दूध आदि इन सब के सेवन से भी अल्सर ठीक होता है ।


👉तोरी लौकी कि सब्जि खाये ज्यादा


👉गर्म पानी पिये

👉हल्का भोजन करे

डेंगू और वायरल बुखार

आजकल डेंगू और वायरल बुखार chikengunia, आमतौर पर प्रचलित के दो प्रकार के होते हैं और अस्पतालों में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों में बेड से बाहर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वायरस कोशिकाओं के बीच छिपाने शिक्षित और रक्त प्रवाह में मौजूद नहीं हैं और इसलिए वे क्योंकि केवल रक्त के माध्यम से दवा काम दवाओं के माध्यम से नष्ट नहीं किया जा सकता है। हमारा शरीर है, जो एक सुपर कंप्यूटर है, वायरस से लड़ने के लिए अपने स्वयं के तंत्र है। यह बैक्टीरिया / वायरस से लड़ने के लिए सामान्य स्तर से परे अपनी तापमान उठाती है। यह हमें परेशानी और असंतुष्ट सहज कारण बनता है और हम इलाज के लिए चिकित्सक के पास जाना। डॉक्टर ने हमें बुखार के लिए दवा देता है और तापमान नीचे आता है के रूप में, शरीर के तंत्र को आड़े आती है और वायरस से बच गए है और यह कुछ समय के बाद फिर से शरीर और हमलों के अंदर रहता है।
जब भी यहा किसी भी वायरल या बैक्टीरियल के हमले से शरीर का तापमान, सर्दी और खांसी आदि और दवा इन स्थितियों को नियंत्रित करने के लिए हमारा शरीर को नुकसान देने वाले तत्वो को गति, उल्टी के रूप में शरीर के अपशिष्ट बाहर फेंकता है।
तो फिर सवाल यह है कि इस स्थिति में क्या करना उठता है। डॉ चौधरी ने बताया कि हम शरीर के तापमान पर नजर रखने के लिए है और के रूप में यह 102.2 डिग्री से परे चला जाता है, हम सिर और पिंडली की मांसपेशियों पर ठंडा सेक करने के लिए प्रशासन तक तापमान नीचे आता है। ठंडा सेक का मतलब है, चार छोटे तौलिये लेते हैं और उन्हें बर्फ के ठंडे पानी में डुबकी, यह निचोड़ और ecery 2-3 मिनट के बाद सिर और पिंडली की मांसपेशियों पर एक-एक पर जगह, समय तापमान सामान्य करने के लिए आता है जब तक।
कोई दवा इस तरह के परिदृश्य में लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोगी के लिए एक तीन दिन आहार चार्ट, पालन करने के लिए तैयार की गई है और इस मरीज को करने से निश्चित रूप से ठीक हो जाएगा। भोजन योजना के तहत इस प्रकार है: -
डे-1.-
10 और उस Mosumbi का रस और नारियल पानी बराबर मात्रा की ज्यादा संख्या में पूरे दिन भर में ले जाया करने के लिए अपने वजन को विभाजित। रोगी का वजन 60 किलो है तो वह दोनों के रस की 06 ग्लास ले और कोई ठोस आहार के साथ लेना चाहिए।
दूसरा दिन।
20 और उस mosumbi का रस और नारियल पानी और टमाटर + ककड़ी का वजन एक्स 5 ग्राम की बराबर मात्रा का ग्लास अपने वजन से विभाजित करे।
तीसरा दिन।
30 और उस mosumbi रस और रात के खाने के लिए नारियल पानी और वजन × 5 दोपहर के भोजन में टमाटर + ककड़ी के ग्राम और सामान्य घर पकाया भोजन के बराबर मात्रा ग्लास  की अपने वजन से विभाजित करे..

इन चरणों लेने से हम सफलतापूर्वक वायरल / जीवाणु बुखार के किसी भी प्रकार तीन दिनों में, शरीर को कोई नुकसान के कारण के बिना और शरीर तंत्र में दखल के बिना इलाज कर सकते हैं। भोजन योजना की प्रतिलिपि तैयार संदर्भ के लिए भी जुड़ा हुआ है।
हमे बुखार, खांसी / ठंड / उल्टी / दस्त के दौरान आतंकित होने की जरूरत नहीं है, लेकिन हम तापमान पर नजर रखने और जैसा कि ऊपर चर्चा जैसा प्रबंध करे तो शरीर मे पर्याप्त तरल पदार्थ की आपूर्ति होगी। अगर हम डॉक्टर के पास जाने / अस्पताल मे अनावश्यक परीक्षण कर पैसा बनाने काक भय और अज्ञान को दूर करे । समय की मांग है खुद को और दूसरों को भी शिक्षित करने के लिए  बाकी का शरीर अपने आप ही ठीक होगा..
शुभकामनाएं। स्वस्थ और फिट रहने के। योग और प्राणायाम को हर रोज करे। उम्र से कम से कम 100 साल के लिए स्वस्थ और दवा / डॉक्टर मुक्त रहने के लिए के रूप में जो हमारे पूर्वजों रहते थे ।जय श्री राम

पक्षाघात,लकवा, paralysis

आयुर्वेदिक उपचार :-
⛔अगर रोगी नया ही है तो केवल अश्वगंधा का बारीक चूर्ण 6-6 gm सुबह शाम गऊ के दूध से लें और महानारायण तैल कि मालिश करे
⛔उपरोक्त 45 दिन करें
⛔bp के बढ़ जाने से जो पक्षाघात हो उसमें तेज दवाएँ कार्य नही करती और bp बढ़ता रहता है और रोगी परेशान ही होता रहता है
⛔लहसुन सिद्ध क्षीर का प्रयोग इस रोग में लाभकारी है ,इसके लिये 5-10 कलियाँ जिनका वजन 5-10 ग्राम हो छिलका उतार कर चटनी बना लें
➡गाय के गरम दूध में से 20ग्राम अलग निकाल कर रख लें उसमें ये चटनी मिला कर थोड़ी कुँजा मीश्री पीसी हुई पायें और पी लें ऊपर से बाकी दूध पी लें
 ➡रोजाना एक एक कली बढ़ा सकते है जब ये मात्रा 20-25 तक आ जाये फ़िर कम करते जायें
➡ य फ़िर लहसुन की और 250 ml दूध में उबालकर लगभग 125 ml दूध शेष रहने पर पीने को दें ,ये सुबह शाम दें
⛔नये रोगियों को केवल यही दूध को आहार के रुप में दें सकते है
⛔पुराने रोगियों को लघु आहार भी दिया जा सकता है
⛔विरेच्न के लिये रास्नादि क्वाथ में एरण्ड तैल दें
⛔जिन रोगियों को लहसुन से bp बड़े उन्हे सर्पगन्धा दें सकते है या मेरा नुस्खा नम्बर 24 प्रयोग कर सकते है

➡एकांगवीर रस की 1-1 गोली या 2-2 गोली सुबह शाम शहद या वातनाश्क क्वाथ से दें
➡ये रसायन बहुत तीक्ष्ण होता है इसलिए वात प्रधान या कफ वात प्रधान विकारों में विशेष लाभदायक है
➡ये ऊतेजित वायु को शांत करें और दूषित रक्त की सुधारता है
➡ह्रदय को बलवान बनाना इसका प्रधान कार्य है
➡दस्त साफ ना आने पर मेरा नुस्खा नम्बर 11 रात्रि को दें
➡वात रोगॊ में साथ साथ दशमुला रिष्ट ,दश्मूल क्वाथ ,रास्नादि क्वाथ दें
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8⃣चेहरे के लकवे के लिये :-
▶मूँग का आटा एक किलो और आक के जड़ की घास का चूर्ण एक किलो
(ध्यान दें यहाँ सिर्फ आक के जड़ में उगने वाले घास को लेने को कहा है ना कि आक को)दोनों को खरल कर मिला लें
          बाद में 200 gm मिश्रित आटे से रोटी बना लें इसको एक ही तरफ़ से सेक्ना है जिस और कच्ची रहे उस पर महा नारायण तैल + महा प्रसारनी तैल चुपड कर बाँध दें
      इसको हाथ पेर पर भी बाँध सकते है