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Wednesday, 25 January 2017
Saturday, 16 July 2016
दालचीनी वाला दूध पीने के फायदे आपको हैरत में डाल देंगे
दालचीनी को वंडर स्पाइस भी कहते हैं. एक ओर जहां ये खाने का जायका बढ़ाने के काम आता है वहीं सेहत के लिहाज से भी इसके बहुत से फायदे हैं. सेहत और खूबसूरती दोनों ही चीजों के लिए दालचीनी का इस्तेमाल किया जाता है.
दालचीनी में मौजूद कंपाउंड कई औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. जो सेहत और खूबसूरती दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं. यूं तो दालचीनी अपने आप में ही एक अच्छी औषधि है लेकिन इसे दूध के साथ मिलाकर पीना और भी फायदेमंद है. दालचीनी वाला दूध कई बीमारियों में फायदेमंद है और कई बीमारियों से सुरक्षित भी रखता है.
दालचीनी वाला दूध बनाना बहुत ही आसान है. एक कप दूध में एक से दो चम्मच दालचीनी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें. वैसे तो इस दूध को पीने का कोई नुकसान नहीं है लेकिन फिर भी एकबार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें.
दालचीनी वाला दूध पीने के फायदे:
1. अच्छे पाचन के लिए
अगर आपकी पाचन क्रिया अच्छी नहीं है तो दालचीनी वाला दूध पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा. इसके साथ ही गैस की प्रॉब्लम में भी ये राहत देने का काम करता है.
2. ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए
कई अध्ययनों में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि दालचीनी में कई ऐसे कंपाउंड पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. दालचीनी वाला दूध खासतौर पर टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है.
3. अच्छी नींद के लिए
अगर आपको अनिद्रा की प्रॉब्लम है या फिर आपको अच्छी नींद नहीं आती है तो दालचीनी वाला दूध पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा. सोने से पहले एक गिलास दालचीनी वाला दूध लें, इससे आपको अच्छी नींद आएगी.
4. खूबसूरत बालों और त्वचा के लिए
दालचीनी वाला दूध पीने से बालों और स्किन से जुड़ी लगभग हर समस्या दूर हो जाती है. इसका एंटी-बैक्टीरियल गुण स्किन और बालों को इंफेक्शन से सुरक्षित रखता है.
5. मजबूत हड्डियों के लिए
हड्डियों की मजबूती के लिए लोग सालों से दालचीनी वाले दूध का इस्तेमाल करते आ रहे हैं. विशेषज्ञों की मानें तो इस दूध के नियमित सेवन से गठिया की समस्या नहीं होती है.
दालचीनी में मौजूद कंपाउंड कई औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. जो सेहत और खूबसूरती दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं. यूं तो दालचीनी अपने आप में ही एक अच्छी औषधि है लेकिन इसे दूध के साथ मिलाकर पीना और भी फायदेमंद है. दालचीनी वाला दूध कई बीमारियों में फायदेमंद है और कई बीमारियों से सुरक्षित भी रखता है.
दालचीनी वाला दूध बनाना बहुत ही आसान है. एक कप दूध में एक से दो चम्मच दालचीनी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें. वैसे तो इस दूध को पीने का कोई नुकसान नहीं है लेकिन फिर भी एकबार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें.
दालचीनी वाला दूध पीने के फायदे:
1. अच्छे पाचन के लिए
अगर आपकी पाचन क्रिया अच्छी नहीं है तो दालचीनी वाला दूध पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा. इसके साथ ही गैस की प्रॉब्लम में भी ये राहत देने का काम करता है.
2. ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए
कई अध्ययनों में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि दालचीनी में कई ऐसे कंपाउंड पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. दालचीनी वाला दूध खासतौर पर टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है.
3. अच्छी नींद के लिए
अगर आपको अनिद्रा की प्रॉब्लम है या फिर आपको अच्छी नींद नहीं आती है तो दालचीनी वाला दूध पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा. सोने से पहले एक गिलास दालचीनी वाला दूध लें, इससे आपको अच्छी नींद आएगी.
4. खूबसूरत बालों और त्वचा के लिए
दालचीनी वाला दूध पीने से बालों और स्किन से जुड़ी लगभग हर समस्या दूर हो जाती है. इसका एंटी-बैक्टीरियल गुण स्किन और बालों को इंफेक्शन से सुरक्षित रखता है.
5. मजबूत हड्डियों के लिए
हड्डियों की मजबूती के लिए लोग सालों से दालचीनी वाले दूध का इस्तेमाल करते आ रहे हैं. विशेषज्ञों की मानें तो इस दूध के नियमित सेवन से गठिया की समस्या नहीं होती है.
1 कप दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पीने के हैं ये 13 फायदे
● आयुर्वेद में हल्दी को सबसे बेहतरीन नेचुरल एंटीबायोटिक माना गया है। इसलिए यह स्किन, पेट और शरीर के कई रोगों में उपयोग की जाती है। हल्दी के पौधे से मिलने वाली इसकी गांठें ही नहीं, बल्कि इसके पत्ते भी बहुत उपयोगी होते हैं। ये तो हुई बात हल्दी के गुणों की, इसी प्रकार दूध भी प्राकृतिक प्रतिजैविक है। यह शरीर के प्राकृतिक संक्रमण पर रोक लगा देता है। हल्दी व दूध दोनों ही गुणकारी हैं, लेकिन अगर इन्हें एक साथ मिलाकर लिया जाए तो इनके फायदे दोगुना हो जाते हैं। इन्हें एक साथ पीने से कई स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं दूर होती हैं।
1 . हडि्डयों को पहुंचाता है फायदा
रोजाना हल्दी वाला दूध लेने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलता है। हड्डियां स्वस्थ और मजबूत होती है। यह ऑस्टियोपोरेसिस के मरीजों को राहत पहुंचाता है।
2. गठिया दूर करने में है सहायक
हल्दी वाले दूध को गठिया के निदान और रियूमेटॉइड गठिया के कारण सूजन के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। यह जोड़ो और पेशियों को लचीला बनाकर दर्द को कम करने में भी सहायक होता है।
3. टॉक्सिन्स दूर करता है
आयुर्वेद में हल्दी वाले दूध का इस्तेमाल शोधन क्रिया में किया जाता है। यह खून से टॉक्सिन्स दूर करता है और लिवर को साफ करता है। पेट से जुड़ी समस्याओं में आराम के लिए इसका सेवन फायदेमंद है।
4. कीमोथेरेपी के बुरे प्रभाव को कम करते हैं
एक शोध के अनुसार, हल्दी में मौजूद तत्व कैंसर कोशिकाओं से डीएनए को होने वाले नुकसान को रोकते हैं और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करते हैं।
5. कान के दर्द में आराम मिलता है
हल्दी वाले दूध के सेवन से कान दर्द जैसी कई समस्याओं में भी आराम मिलता है। इससे शरीर का रक्त संचार बढ़ जाता है जिससे दर्द में तेजी से आराम होता है।
6. चेहरा चमकाने में मददगार
रोजाना हल्दी वाला दूध पीने से चेहरा चमकने लगता है। रूई के फाहे को हल्दी वाले दूध में भिगोकर इस दूध को चेहरे पर लगाएं। इससे त्वचा की लाली और चकत्ते कम होंगे। साथ ही, चेहरे पर निखार और चमक आएगी।
7. ब्लड सर्कुलेशन ठीक करता है
आयुर्वेद के अनुसार, हल्दी को ब्लड प्यूरिफायर माना गया है। यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को मजबूत बनाता है। यह रक्त को पतला करने वाला आैर लिम्फ तंत्र और रक्त वाहिकाओं की गंदगी को साफ करने वाला होता है।
8. शरीर को सुडौल बनाता है
रोजाना एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर लेने से शरीर सुडौल हो जाता है। दरअसल गुनगुने दूध के साथ हल्दी के सेवन से शरीर में जमा फैट्स घटता है। इसमें उपस्थित कैल्शियम और अन्य तत्व सेहतमंद तरीके से वेट लॉस में मददगार हैं।
9. स्किन प्रॉब्लम्स में है रामबाण
हल्दी वाला दूध स्किन प्रॉब्लम्स में भी रामबाण का काम करता है।
10. लिवर को मजबूत बनाता है
हल्दी वाला दूध लिवर को मजबूत बनाता है। यह लिवर से संबंधित बीमारियों से शरीर की रक्षा करता है और लिम्फ तंत्र को साफ करता है।
11. अल्सर ठीक करता है
यह एक शक्तिशाली एंटीसेप्टिक होता है और आंत के स्वस्थ बनाने के साथ-साथ पेट के अल्सर और कोलाइटिस का उपचार करता है। इससे पाचन बेहतर होता है और अल्सर, डायरिया और अपच नहीं होता।
12. माहवारी में होने वाले दर्द से राहत देता है
हल्दी वाला दूध माहवारी में होने वाले दर्द में राहत देता है। गर्भवती महिलाओं को आसान प्रसव, प्रसव बाद सुधार, बेहतर दूध उत्पादन और शरीर को जल्दी सामान्य करने के लिए हल्दी का दूध लेना चाहिए।
13. सर्दी-खांसी में है रामबाण
हल्दी वाले दूध के एंटीबायोटिक गुण के कारण सर्दी-खांसी में ये एक कारगर दवा का काम करता है। हल्दी वाला दूध मुक्त रेडिकल्स से लड़ने वाले एंटीऑक्सीडेंट का बेहतरीन स्रोत है। इससे कई बीमारियां ठीक हो सकती हैं।
1 . हडि्डयों को पहुंचाता है फायदा
रोजाना हल्दी वाला दूध लेने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलता है। हड्डियां स्वस्थ और मजबूत होती है। यह ऑस्टियोपोरेसिस के मरीजों को राहत पहुंचाता है।
2. गठिया दूर करने में है सहायक
हल्दी वाले दूध को गठिया के निदान और रियूमेटॉइड गठिया के कारण सूजन के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। यह जोड़ो और पेशियों को लचीला बनाकर दर्द को कम करने में भी सहायक होता है।
3. टॉक्सिन्स दूर करता है
आयुर्वेद में हल्दी वाले दूध का इस्तेमाल शोधन क्रिया में किया जाता है। यह खून से टॉक्सिन्स दूर करता है और लिवर को साफ करता है। पेट से जुड़ी समस्याओं में आराम के लिए इसका सेवन फायदेमंद है।
4. कीमोथेरेपी के बुरे प्रभाव को कम करते हैं
एक शोध के अनुसार, हल्दी में मौजूद तत्व कैंसर कोशिकाओं से डीएनए को होने वाले नुकसान को रोकते हैं और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करते हैं।
5. कान के दर्द में आराम मिलता है
हल्दी वाले दूध के सेवन से कान दर्द जैसी कई समस्याओं में भी आराम मिलता है। इससे शरीर का रक्त संचार बढ़ जाता है जिससे दर्द में तेजी से आराम होता है।
6. चेहरा चमकाने में मददगार
रोजाना हल्दी वाला दूध पीने से चेहरा चमकने लगता है। रूई के फाहे को हल्दी वाले दूध में भिगोकर इस दूध को चेहरे पर लगाएं। इससे त्वचा की लाली और चकत्ते कम होंगे। साथ ही, चेहरे पर निखार और चमक आएगी।
7. ब्लड सर्कुलेशन ठीक करता है
आयुर्वेद के अनुसार, हल्दी को ब्लड प्यूरिफायर माना गया है। यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को मजबूत बनाता है। यह रक्त को पतला करने वाला आैर लिम्फ तंत्र और रक्त वाहिकाओं की गंदगी को साफ करने वाला होता है।
8. शरीर को सुडौल बनाता है
रोजाना एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर लेने से शरीर सुडौल हो जाता है। दरअसल गुनगुने दूध के साथ हल्दी के सेवन से शरीर में जमा फैट्स घटता है। इसमें उपस्थित कैल्शियम और अन्य तत्व सेहतमंद तरीके से वेट लॉस में मददगार हैं।
9. स्किन प्रॉब्लम्स में है रामबाण
हल्दी वाला दूध स्किन प्रॉब्लम्स में भी रामबाण का काम करता है।
10. लिवर को मजबूत बनाता है
हल्दी वाला दूध लिवर को मजबूत बनाता है। यह लिवर से संबंधित बीमारियों से शरीर की रक्षा करता है और लिम्फ तंत्र को साफ करता है।
11. अल्सर ठीक करता है
यह एक शक्तिशाली एंटीसेप्टिक होता है और आंत के स्वस्थ बनाने के साथ-साथ पेट के अल्सर और कोलाइटिस का उपचार करता है। इससे पाचन बेहतर होता है और अल्सर, डायरिया और अपच नहीं होता।
12. माहवारी में होने वाले दर्द से राहत देता है
हल्दी वाला दूध माहवारी में होने वाले दर्द में राहत देता है। गर्भवती महिलाओं को आसान प्रसव, प्रसव बाद सुधार, बेहतर दूध उत्पादन और शरीर को जल्दी सामान्य करने के लिए हल्दी का दूध लेना चाहिए।
13. सर्दी-खांसी में है रामबाण
हल्दी वाले दूध के एंटीबायोटिक गुण के कारण सर्दी-खांसी में ये एक कारगर दवा का काम करता है। हल्दी वाला दूध मुक्त रेडिकल्स से लड़ने वाले एंटीऑक्सीडेंट का बेहतरीन स्रोत है। इससे कई बीमारियां ठीक हो सकती हैं।
Tuesday, 17 May 2016
आपके घरो में जो दूध आया हुआ है उसकी जांच कर लो
आपके घरो में जो दूध आया हुआ है उसकी जांच कर लो ..
उसमे surf है.. यूरिया है ... स्टार्च है ..या और क्या क्या है ....
** दूध में पानी की जांच करने के लिए दूध की कुछ बूंदें किसी सतह पर डालें। इस सतह को थोड़ा टेढ़ा करें। अगर दूध की बूंद धीरे धीरे ढलान की तरफ जाए और पीछे सफेद लकीर छोड़े तो इसमें पानी नहीं मिला है, वहीं अगर दूध की बूंद तेजी से ढलान की तरफ फिसल जाए और पीछे निशान भी न छोड़े तो इसमें पानी मिला है। अब अगर लकीर छोड़े तो जरुरी नहीं की वो दूध ही हो .. हो सकता है सर्फ हो तो आगे बताई गयी जांच भी करें
** आधा कप दूध में बराबर मात्रा में पानी मिलाएं, अगर उसमें झाग आए तो समझ जाएं कि उस दूध में डिटर्जेट मिला हुआ है।
** सिंथेटिक दूध की पहचान करने का आसान तरीका है दूध को हथेलियों के बीच रगड़ें, अगर यह साबुन जैसा लगे तो यह सिंथेटिक दूध हो सकता है। इसके अलावा सिंथेटिक दूध गर्म करने पर हल्का पीला हो जाता है।
** दूध में स्टार्च है या नहीं यह पता करने के लिए दूध में कुछ बूंदें आयोडीन टिंचर या आयोडीन सॉल्यूशन की डालें। अगर दूध का रंग नीला हो जाए तो समझ लें कि इसमें स्टार्च है। आयोडीन टिंचर आसानी से मेडिकल स्टोर पर मिल जाता है।
** दूध में वनस्पति की जांच करने के लिए तीन मिलिलीटर दूध में 10 बूंदें हाइड्रोक्लोरिक एसिड की डालें और एक चम्मच चीनी डालें। पांच मिनट बाद अगर दूध का रंग लाल हो जाए तो समझ जाएं कि उसमें वनस्पति मिला है।
50 से 100 रुपये लगेंगे जांच करने में लेकिन यूरिया पी के आपके घर में कोई बीमार पड़ा तो लाखों के चक्कर लग जाएंगे .. इसलिए कर लो जांच ...
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उसमे surf है.. यूरिया है ... स्टार्च है ..या और क्या क्या है ....
** दूध में पानी की जांच करने के लिए दूध की कुछ बूंदें किसी सतह पर डालें। इस सतह को थोड़ा टेढ़ा करें। अगर दूध की बूंद धीरे धीरे ढलान की तरफ जाए और पीछे सफेद लकीर छोड़े तो इसमें पानी नहीं मिला है, वहीं अगर दूध की बूंद तेजी से ढलान की तरफ फिसल जाए और पीछे निशान भी न छोड़े तो इसमें पानी मिला है। अब अगर लकीर छोड़े तो जरुरी नहीं की वो दूध ही हो .. हो सकता है सर्फ हो तो आगे बताई गयी जांच भी करें
** आधा कप दूध में बराबर मात्रा में पानी मिलाएं, अगर उसमें झाग आए तो समझ जाएं कि उस दूध में डिटर्जेट मिला हुआ है।
** सिंथेटिक दूध की पहचान करने का आसान तरीका है दूध को हथेलियों के बीच रगड़ें, अगर यह साबुन जैसा लगे तो यह सिंथेटिक दूध हो सकता है। इसके अलावा सिंथेटिक दूध गर्म करने पर हल्का पीला हो जाता है।
** दूध में स्टार्च है या नहीं यह पता करने के लिए दूध में कुछ बूंदें आयोडीन टिंचर या आयोडीन सॉल्यूशन की डालें। अगर दूध का रंग नीला हो जाए तो समझ लें कि इसमें स्टार्च है। आयोडीन टिंचर आसानी से मेडिकल स्टोर पर मिल जाता है।
** दूध में वनस्पति की जांच करने के लिए तीन मिलिलीटर दूध में 10 बूंदें हाइड्रोक्लोरिक एसिड की डालें और एक चम्मच चीनी डालें। पांच मिनट बाद अगर दूध का रंग लाल हो जाए तो समझ जाएं कि उसमें वनस्पति मिला है।
50 से 100 रुपये लगेंगे जांच करने में लेकिन यूरिया पी के आपके घर में कोई बीमार पड़ा तो लाखों के चक्कर लग जाएंगे .. इसलिए कर लो जांच ...
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