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Wednesday, 1 February 2017

संजीवनी भोजन – चार चम्मच और एक चम्मच मेथी दाना


आज हम आपको ऐसे भोजन के बारे में बताने जा रहें है, जिसको अगर संजीवनी भी कहा जाए तो ग़लत नहीं होगा. बल बुद्धि और वीर्य बढाने में ये रामबाण है. इसके सेवन से आप खांसी जुकाम से लेकर कैंसर तक आप हर बीमारी से बच सकते हैं. ये भोजन स्वस्थ व्यक्ति को निरोगी बनाये रखता है, कमजोरों को शक्तिशाली, बच्चों को चैंपियन, बूढों को जवान, और जवानो को 100 वर्ष तक जवान बना कर रखता है. इसके फायदे अनगिनत हैं. आइये जाने चार चम्मच गेंहू के दाने और एक चम्मच मेथी दाना से बना ये संजीवनी भोजन.

चार चम्मच गेंहू के दाने और एक चम्मच मेथी दाना ले कर दोनों को चार पांच बार अच्छी तरह साफ़ जल से धो लीजिये. इस के बाद आधा गिलास पानी में डालकर चौबीस घंटे रखें. फिर इनको पानी से निकालकर एक मोटे गीले कपडे में बांधकर अंकुरित होने के लिए चौबीस घंटे तक हवा में लटका दीजये. गर्मियों में बीच बीच में पानी के छींटे मारते रहें.

जिस पानी में गेंहू के दाने और मेथी दानो को भिगोया था उस पानी में आधा निम्बू निचोड़ कर दो ग्राम सौंठ का चूर्ण डाल दीजिये. इसमें दो चम्मच शहद घोलकर सुबह खाली पेट लें. यह पेय बहुत शक्तिवर्धक, पाचक, और सफुर्तिदायक होता है. इसको संजीवनी पेय कहते हैं.

अभी जो गेंहू के दाने और मेथी के दाने अंकुरण के लिए लटकाए थे, जब उनमे अंकुर फूट जाए (औसतन गर्मियों में चौबीस या अड़तालीस घंटों में अंकुरित हो जाते हैं.) इनको सुबह नाश्ते में पीसी काली मिर्च और सेंधा नमक बुरककर खूब चबा चबा कर खाएं. इस नाश्ते को संजीवनी नाश्ता कहते हैं. जो व्यक्ति अंकुरित अन्न को चबा ना सके वो इसको ग्राइंड कर के इसका लाभ लें. अन्यथा उनको ऊपर पानी तक ही सीमित रहना पड़ेगा.

इस संजीवनी पेय और नाश्ते के फायदे.
जिन लोगों में खून की कमी है, ब्लड शुगर है (डायबिटीज), कफ़ की अधिक समस्या है, अस्थमा का प्रकोप है, शरीर कमज़ोर है, मोटापा अधिक है, कमजोरी रहती है, पूरा दिन आलस रहता है, खून में धक्के जमे हुए है, कमज़ोर दृष्टि है, नपुंसकता है, शीघ्रपतन की समस्या है, कैंसर, हृदय रोगों, लीवर के रोगों, किडनी के रोगों के लिए, स्त्रियों के श्वेत प्रदर और रक्त प्रदर में, बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए, खिलाडियों के लिए ऊर्जावान, यौवन को बरक़रार रखने वाला, चेहरे को कश्मीरी सेब जैसा खिला रखने वाला, 100 वर्ष तक भी निरोगी रखने वाला चमत्कारिक भोजन है. इसको हर आयु का व्यक्ति खा कर रक्त में जवानी का अहसास कर सकता है. कुल मिला कर इसको सर्व रोगों के लिए एक दवा कहा जा सकता है.

अंकुरण के लिए विशेष.
अंकुरण के लिए बढ़िया से बढ़िया अनाज का उपयोग करना चाहिए, और गर्मियों में जहाँ अंकुरण एक दो दिन में हो जाता है, वहीँ सर्दियों में यह 3 से 4 दिन ले सकता है. इसलिए धैर्य रखें. और हर रोज़ आप ये नाश्ता कर सकें. इस लिए जब तक अंकुरण फूटे नहीं, तब तक हर रोज़ नया गेंहू और मेथीदाना अंकुरित करते रहें. इस से तीन चार दिनों के बाद आपको निरंतर अंकुरित नाश्ता मिलना शुरू हो जायेगा..

आप सब भाई बहनों से अनुरोध है के आप जो भी प्रयोग करें उसके रिजल्ट हमसे ज़रूर शेयर करें. इस से अनेक लोगों को वो प्रयोग करने का साहस मिलेगा और आपको पुण्य मिलेगा.

Saturday, 16 July 2016

1 कप दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पीने के हैं ये 13 फायदे

● आयुर्वेद में हल्दी को सबसे बेहतरीन नेचुरल एंटीबायोटिक माना गया है। इसलिए यह स्किन, पेट और शरीर के कई रोगों में उपयोग की जाती है। हल्दी के पौधे से मिलने वाली इसकी गांठें ही नहीं, बल्कि इसके पत्ते भी बहुत उपयोगी होते हैं। ये तो हुई बात हल्दी के गुणों की, इसी प्रकार दूध भी प्राकृतिक प्रतिजैविक है। यह शरीर के प्राकृतिक संक्रमण पर रोक लगा देता है। हल्दी व दूध दोनों ही गुणकारी हैं, लेकिन अगर इन्हें एक साथ मिलाकर लिया जाए तो इनके फायदे दोगुना हो जाते हैं। इन्हें एक साथ पीने से कई स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं दूर होती हैं।

1 . हडि्डयों को पहुंचाता है फायदा

रोजाना हल्दी वाला दूध लेने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम मिलता है। हड्डियां स्वस्थ और मजबूत होती है। यह ऑस्टियोपोरेसिस के मरीजों को राहत पहुंचाता है।

2. गठिया दूर करने में है सहायक
हल्दी वाले दूध को गठिया के निदान और रियूमेटॉइड गठिया के कारण सूजन के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। यह जोड़ो और पेशियों को लचीला बनाकर दर्द को कम करने में भी सहायक होता है।

3. टॉक्सिन्स दूर करता है
आयुर्वेद में हल्दी वाले दूध का इस्तेमाल शोधन क्रिया में किया जाता है। यह खून से टॉक्सिन्स दूर करता है और लिवर को साफ करता है। पेट से जुड़ी समस्याओं में आराम के लिए इसका सेवन फायदेमंद है।

4. कीमोथेरेपी के बुरे प्रभाव को कम करते हैं
एक शोध के अनुसार, हल्दी में मौजूद तत्व कैंसर कोशिकाओं से डीएनए को होने वाले नुकसान को रोकते हैं और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम करते हैं।

5. कान के दर्द में आराम मिलता है
हल्दी वाले दूध के सेवन से कान दर्द जैसी कई समस्याओं में भी आराम मिलता है। इससे शरीर का रक्त संचार बढ़ जाता है जिससे दर्द में तेजी से आराम होता है।

6. चेहरा चमकाने में मददगार
रोजाना हल्दी वाला दूध पीने से चेहरा चमकने लगता है। रूई के फाहे को हल्दी वाले दूध में भिगोकर इस दूध को चेहरे पर लगाएं। इससे त्वचा की लाली और चकत्ते कम होंगे। साथ ही, चेहरे पर निखार और चमक आएगी।

7. ब्लड सर्कुलेशन ठीक करता है
आयुर्वेद के अनुसार, हल्दी को ब्लड प्यूरिफायर माना गया है। यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को मजबूत बनाता है। यह रक्त को पतला करने वाला आैर लिम्फ तंत्र और रक्त वाहिकाओं की गंदगी को साफ करने वाला होता है।

8. शरीर को सुडौल बनाता है
रोजाना एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर लेने से शरीर सुडौल हो जाता है। दरअसल गुनगुने दूध के साथ हल्दी के सेवन से शरीर में जमा फैट्स घटता है। इसमें उपस्थित कैल्शियम और अन्य तत्व सेहतमंद तरीके से वेट लॉस में मददगार हैं।

9. स्किन प्रॉब्लम्स में है रामबाण
हल्दी वाला दूध स्किन प्रॉब्लम्स में भी रामबाण का काम करता है।

10. लिवर को मजबूत बनाता है
हल्दी वाला दूध लिवर को मजबूत बनाता है। यह लिवर से संबंधित बीमारियों से शरीर की रक्षा करता है और लिम्फ तंत्र को साफ करता है।

11. अल्सर ठीक करता है
यह एक शक्तिशाली एंटीसेप्टिक होता है और आंत के स्वस्थ बनाने के साथ-साथ पेट के अल्सर और कोलाइटिस का उपचार करता है। इससे पाचन बेहतर होता है और अल्सर, डायरिया और अपच नहीं होता।

12. माहवारी में होने वाले दर्द से राहत देता है
हल्दी वाला दूध माहवारी में होने वाले दर्द में राहत देता है। गर्भवती महिलाओं को आसान प्रसव, प्रसव बाद सुधार, बेहतर दूध उत्पादन और शरीर को जल्दी सामान्य करने के लिए हल्दी का दूध लेना चाहिए।

13. सर्दी-खांसी में है रामबाण
हल्दी वाले दूध के एंटीबायोटिक गुण के कारण सर्दी-खांसी में ये एक कारगर दवा का काम करता है। हल्दी वाला दूध मुक्त रेडिकल्स से लड़ने वाले एंटीऑक्सीडेंट का बेहतरीन स्रोत है। इससे कई बीमारियां ठीक हो सकती हैं।