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Saturday, 11 February 2017

जी मिचलाने पर क्या करें

जी मिचलाने की ज्यादातर शिकायत गर्भवती महिलाओं को होती हैं. जब जी मिचलाता हैं तो मन में घबराहट और एक तरह की बेचैनी सी हो जाती हैं. बुखार होने पर भी कभी – कभी जी मिचलाता हैं. उलटी होने पर भी जी मिचलाने लगता हैं. किसी - किसी व्यक्ति का जी अधिक घुमावदार रास्तो पर सफर करने पर भी मिचलाता हैं. अगर आपका जी मिचलाए तो आप कुछ घरेलू उपायों का प्रयोग कर सकते हैं जिनको अपनाने से आपके मन को शांति मिलेगी.

1.       यदि किसी व्यक्ति का जी मिचलाता हैं, तो उसे कच्चे चावलों के पानी का सेवन करना चाहिए.  इस के लिए 60 ग्राम कच्चे चावल लें. अब डेढ़ गिलास पानी को एक बर्तन में डाल लें. अब इस पानी में कच्चे चावलों को करीब एक घंटे तक भिगोकर रख दें. एक घंटे के बाद चावलों को पानी से अलग कर दें और उस पानी का सेवन करें. जल्द ही आपको राहत मिलेगी.

2.       जी मिचलाने पर निम्बू का भी प्रयोग किया जा सकता हैं यह एक बेहद ही सरल उपाए हैं. जिससे कुछ ही समय में आराम पाया जा सकता हैं. इसके लिए एक निम्बू के चार टुकड़े कर लें. अब इन टुकडो पर चीनी छिडक कर चुसे आपको आराम मिलेगा. यह एक ऐसा उपाय हैं जिसका  प्रयोग आप किसी लम्बे सफर में उलटी आने पर या जी मिचलाने पर आसानी से कर सकते हैं.


3.       जी मिचलाने पर अनार के रस का सेवन करना बहुत ही लाभकारी सिद्ध होता हैं. इस के लिए 2 से 4 ग्राम इलायची को लेकर उसका चुर्ण बना लें, और इसे अनार के रस में डाल दें.  इलायची के चुर्ण के अलावा आप इलायची के तेल का भी प्रयोग कर सकते हैं. अगर इलायची के तेल का इस्तेमाल करना हैं, तो इसके लिए अनार के रस में इसकी 6 या 7 बूंदों को डाल लें. अनार के रस में इलायची का चुर्ण या इलायची को तेल को मिलाकर पीने से जल्दी ही मिचली से छुटकारा मिलता है।


4.        जी मिचलाने पर जायफल का प्रयोग भी किया जा सकता हैं. इसके लिए कच्चे चावलों को पानी में डालकर धो लें. अब चावलों को पानी में से निकाल कर पानी को एक बर्तन में डाल लें. अब जायफल लें और उसे घिस लें. अब उस पानी को लें, जिसमें चावलों को धोया गया था. उस पानी में घिसा हुआ जायफल मिला दें और उस पानी को पी लें. इस पानी का सेवन करने से आपको आराम मिलेगा