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Wednesday, 23 November 2016

शलजम (शलगम) खाने के फायदे

शलजम बहुत कम कैलोरी वाली सब्जी है। इसे एंटी-ऑक्‍सीडेंट, मिनरल और फाइबर का बहुत अच्‍छा स्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर के लिए आवश्‍यक और शक्तिशाली घुलनशील एंटी-ऑक्सीडेंट है। इसका सेवन शरीर में इम्‍यूनिटी को बढ़ाता है और हानिकारक फ्री रेडिकल्‍स, कैंसर और सूजन से शरीर की रक्षा करता है। इसमें कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। शलजम की सब्जी किसी भी तरह के रोगियों को बिना किसी डर के सेवन कराई जा सकती है।

दस्त में राहत
कच्ची शलगम को खाने से दस्त आना बंद हो जाते हैं।

पाचन बढ़ाने में सहायक-
शलजम में भरपूर मात्रा में फाइबर होते हैं, जिस वजह से ये मल त्याग में सुधार करने में सहायक है। अगर आप कब्ज की समस्या से पीड़ित हैं, तो ये सब्जी जरूर खाएं।

पोषक तत्वों का भंडार
शलजम वास्तव में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों का भंडार हैं। शलगम के मुकाबले इसकी जड़ों में कई गुना अधिक मिनरल  और विटामिन होते हैं। यह विटामिन ए, विटामिन सी, कैरोटीनॉयड और ल्‍यूटीन जैसे एंटीऑक्सीडेंट का समृद्ध स्रोत है। इसके अलावा, इसके पत्ते विटामिन ‘के’ के बहुत अच्छे स्रोत हैं।

साथ ही यह कैल्शियम, कॉपर, आयरन और मैंगनीज जैसे महत्वपूर्ण मिनरल के भी बेहतरीन स्रोत हैं।

ब्लड प्रेशर कम करती है-
एक अध्ययन के अनुसार, शलजम में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है, जिस वजह से ये आपकी धमनियों को फैलाने और शरीर से सोडियम जारी करने में सहायक है।

 एड़ी फटना
शलगम को उबालकर इसके पानी से फटी हुई एड़ियों को धोकर उसके बाद उन पर शलगम रगड़े। रात के समय इसका इस्तेमाल करके फटी हुई एड़ियों पर साफ कपड़ा लपेट लें। इसके प्रयोग से फटी हुई एड़ियां ठीक हो जाती हैं।

दमा, खांसी, गला बैठना
शलगम को पानी में उबालकर उसके पानी को छानकर और उसमें चीनी मिलाकर पीने से दमा, खांसी और गला बैठने का रोग ठीक हो जाता है।

कैंसर की रोकथाम
शलजम में एंटीऑक्सिडेंट और फाइटोकेमिकल्स के उच्‍च स्‍तर के कारण यह कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करता है। ग्लूकोसाइनोलेट्स की उपस्थिति के कारण यह कैंसर के प्रभाव को कम करने में मदद करता है। अपने दैनिक आहार में इस सब्जी का समावेश कर स्तन कैंसर के जोखिम के साथ-साथ मलाशय और ट्यूमर को भी कम कर सकते हैं।

मधुमेह
मधुमेह के रोग में रोजाना शलगम की सब्जी खाना लाभदायक होता है।


हृदय स्वास्थ्य के लिए
शलजम में मौजूद विटामिन ‘ए’ के कारण यह एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। यह गुण हार्ट अटैक, हार्ट स्‍ट्रोक और अन्‍य हृदय रोगों को रोकने में मदद करता है। शलजम फोलेट का भी एक बेहतरीन स्रोत है जो हृदय प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करता है।

अंगुलियों की सूजन
50 ग्राम शलगम को 1 लीटर पानी में उबालें। फिर उस पानी में हाथ-पैर डालकर रहने से अंगुलियों की सूजन खत्म हो जाती है।

हड्डियों के लिए महत्‍वपूर्ण
कैल्शियम और पोटेशियम का एक महत्वपूर्ण स्रोत होने के कारण शलजम स्वस्थ हड्डियों के विकास और रखरखाव के लिए महत्वपूर्ण होता हैं। शलजम का सेवन नियमित रूप से करने से हड्डियों के टूटने, ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे और रुमेटी गठिया की समस्‍याओं को रोका जा सकता है।

पेशाब रुक-रुक कर आना
शलगम और कच्ची मूली को काटकर खाने से पेशाब का रुक-रुककर आने का रोग दूर हो जाता है।

फेफड़ों का स्वास्थ्य
सिगरेट के धुएं में पाया जाने वाला कार्सिनोजेन्‍स शरीर में विटामिन ‘ए’ की कमी के कारण नुकसान पहुंचाता है। जिसके परिणामस्‍वरूप फेफड़ों की सूजन, एम्फीसेमा (वातस्फीति) और अन्‍य फेफड़े की समस्याएं हो सकती है। शलजम में निहित विटामिन ‘ए’ इस कमी को दूर करके फेफड़ों को स्‍वस्‍थ बनाए रखने में मदद करता है

Wednesday, 10 August 2016

भूरे रंग के चावल / Brown Rice खाने के फायदे

ज्यादातर लोग खाने में भूरे रंग के चावल / Brown Rice की बजाए, सफ़ेद रंग के चावल का इस्तेमाल करते है। यह जानते हुए भी कि, Brown Rice सफ़ेद रंग के चावल से ज्यादा पौष्टिक है, लोग सफ़ेद रंग के चावल खाना ज्यादा पसंद करते है क्योंकि सफ़ेद रंग के चावल दिखने में साफ़, पकाने में आसान और खाने में ज्यादा स्वादिष्ट होते है।

Brown Rice को छिलके वाले चावल के नाम से भी जाना जाता है। Brown Rice चावल का अपरिष्कृत / unrefined प्रकार है। चावल को सफ़ेद बनाने के लिए परिष्कृत / refining process में चावल में मौजूद अनेक जरुरी Vitamins. Protein और fiber इत्यादि घटक कम हो जाते है जिनसे उसकी पौष्टिकता कम हो जाती है। बाजार में Vitamins. Protein और fiber से समृद्ध सफ़ेद रंग के चावल भी बेचे जाते है पर भूरे Brown Rice के तुलना में उनकी पौष्टिकता कम ही होती है।


Brown Rice का महत्व और स्वास्थ्य संबंधी लाभ से भरपूर :
Brown Rice में प्रचुर मात्रा में fiber होता है। Fiber अधिक मात्रा में होने कारण Brown Rice खाने वाले व्यक्ति को कभी कब्ज / Constipation की शिकायत नहीं होती है। Fiber शरीर के लिए नुकसानकारी LDL Cholesterol को भी काम करता है। शरीर में आँत / Intestine के cancer को निर्माण करने वाले घातक chemicals को बाहर निकालने का काम भी Brown Rice में मौजूद fiber करता है जिससे आँत के cancer होने का खतरा भी कम हो जाता है। एक अध्ययन अनुसार यह पता चला है की Fiber से भरपूर होने के कारण Brown Rice खाने वाली महिलाओ में पित्ताश्मरी / Gall Bladder stones होने का खतरा बहुत कम हो जाता है।   

Selenium : Brown Rice में मौजूद Selenium हमें कर्करोग / Cancer, ह्रदय रोग / Heart Disease और संधिवात / Arthritis  जैसे रोगो से बचाता है।

Manganese : एक कप Brown Rice में उपलब्ध Manganese हमारे शरीर की रोजाना Manganese की 80 % जरुरत को पूरी कर देता है। हमारे शरीर में तंत्रिका प्रणाली / Nervous System और प्रजनन प्रणाली / Reproductive organs के सुचारू काम करने के लिए Manganese की आवश्यकता होती है।   

Natural Oil : Brown Rice में उपलब्ध नैसर्गिक तेल शरीर में Cholesterol की मात्रा को सामान्य रखने के लिए उपयोगी होता है। नियमित आहार में Brown Rice लेने वाले लोगो में ह्रदय की बीमारी होने का खतरा कम होता है।    

वजन कम करना / Weight Loss : जो लोग बढे हुए वजन और मोटापे से परेशान है उनके लिए Brown Rice वरदान है। Brown Rice में अधिक मात्रा में fiber होने के कारन इसे खाने से अधिक calories नहीं मिलती है और पेट भी काफी समय तक भरा हुआ महसूस होता है और इस प्रकार आवश्यकता से अधिक खाने
overeating से बचा जा सकता है। Brown Rice खाने वाले लोगो की पाचन संस्था / Digestive system भी अच्छी रहती है।

Anti-Oxidants : Anti-Oxidants शरीर की रोग प्रतिकार शक्ति को बढ़ाने के साथ शरीर को हमेशा स्वस्थ और बुढ़ापे से दूर रखने के लिए जरुरी होते है। Brown Rice में Anti-Oxidants भी अच्छी मात्रा में होने के कारन आहार में इनका समावेश करना चाहिए।

Blood Sugar नियंत्रण : Brown Rice में मौजूद fiber रक्त की शर्करा / Blood sugar को नियंत्रण करता है और इसलिए Brown Rice मधुमेह से पीड़ित रोगियों के लिए एक श्रेष्ट आहार पदार्थ है। एक शोध अनुसार यह पता चला है की रोजाना आधी कटोरी Brown Rice खाने वाले लोगो में मधुमेह / Diabetes  होने की आशंका 60% से कम हो जाती है। इसके विपरीत जो लोग आहार में सफ़ेद चावल ज्यादा लेते है उन लोगो में मधुमेह होने की आशंका 70% बढ़ जाती है।     
हड्डियों की मजबूती :Brown Rice में Manganese होता है जो की Calcium के अवशोषण के लिए आवश्यक तत्व है। Calcium के सही मात्रा में अवशोषण होने से हड्डियों को मजबूती मिलती है।
अस्थमा विरोधी : Brown Rice में मौजूद Manganese और Selenium, अस्थमा के लक्षणों को कम करता है जिससे अस्थमा के रोगियों को लाभ हो सकता है।    
शिशु आहार : अपने उच्च पौष्टिक मूल्य के कारण Brown Rice एक उत्तम शिशु आहार है। इसे लेने से शिशु की काफी सारी पौष्टिक जरूरते पूरी होती है और शिशु का विकास बेहतर तरीके से होता है।
स्तन का कर्करोग : Brown Rice से शरीर को Phytonutrients मिलता है जो कि रक्त में स्तन के कर्करोग / Breast cancer विरोधी Enterolactone की मात्रा को बढ़ा देता है जिससे महिलाओ में स्तन के कर्करोग होने का खतरा काम कर देता है।  
भूरे रंग के चावल / Brown Rice के स्वास्थ्य संबंधी फायदे जान लेने के बाद मुझे विश्वास है की आप इसे अपने आहार में जरूर शामिल करेंगे।