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Tuesday, 5 July 2016

आंवला खाये -बुढापा दूर भगाए


आंवला सर्वश्रेष्ठ शक्तिदायक फल है । इसका दूसरा नाम अमृत फल है । इसमें अमृत के गुण है । यह विटामिन सी का अनंत भंडार है । विटामिन सी का अर्थ है शक्ति और सवासथय का आवश्यक तत्व । एक पुष्ट ताजे आंवले मे बीस नारंगियो के बराबर विटामिन सी रहता है । इस प्रकार यह शरीर को सवसथय बनाने के साथ साथ सुंदर भी बनाता है । इससे रक्त शुद्ध होता है और शरीर मे रोग प्रतिकारक शक्ति बढ़ती है । आंवले की विशेषता यह है कि इसके विटामिन गरम करने या सुखाने से भी नष्ट नही होते । त्रिफला चूर्ण का मुख्य घटक आंवला ही है । चयवनप्राश इस अमृत फल से ही बनता है । महर्षि चयवन ने बुढापा दूर भगाने का लिए अश्विनी कुमार से उपाय पूछा था । उन्होंने चयवन महर्षि को आंवला फल के नित्य सेवन करने का निर्देश दिया । इसी के सेवन से चयवन महर्षि का बुढापा दूर हो गया । इनही के नाम पर चयवनप्रकाश नाम पड गया ।ओज, बल एवं युवावस्था को स्थिर रखने और बुढापा दूर करने की यह सर्वश्रेष्ठ औषधि है । आंवला सर्वरोगनाशक दिव्य अमृत फल है । यह दांतो और मसूडों को भी मजबूत बनाता है, आंखों की ज्योति बढ़ाता है । शरीर मे बल-वीर्य की वृद्धि करता है ।उच्च रक्तचाप , हृदयरोग , कैंसर , नपुंसकता , मंदागनि , सनायू रोग , चर्म रोग , लिवर और किडनी के रोग , रक्त के रोग, पीलिया , टीबी , मूत्ररोग और हड्डियों के रोगों को दूर करने मे इसका विशेष योगदान है । आंवला त्रिदोषनाशक है । इसमें लवणरस को छोड़कर बाकि पाँचो रस भरे पड़े है   आधुनिक वैज्ञानिकों ने आंवला पर खोज की है और स्वीकार किया है कि आंवला मे पाया जाने वाला एंटी आकसीडेंट एंजाइम बुढापे को रोकता है । यह खोज तो हमारे देश मे प्राचीन महर्षि मुनियों ने हजारों साल पहले ही कर दी थी । आंवला तेल सिर के रोगों और बालों के लिए परम हितकारी है । इसे घर मे ही बनाना चाहिए । बाजार मे मिलने वाले अधिकांश आंवला तेलों मे कृत्रिम सेंट मिला रहता है ।घर मे बनाना चाहे तो तिल के तेल मे ताजे आंवले का रस मिलाकर गर्म करे । जब उसका पानी जल जाया तो उतारकर ठंडा करके  बोतल मे भर ले और उपयोग करे । आंवले मे जितने रोग प्रतिरोधक , रक्त शोधक और बल वीर्यवर्धक तत्व है उतने संसार की किसी वसतू या औषधि मे नही है ।इसलिए सवासथय सुख चाहने वालों को आपने आहार मे आंवले को प्रमुख स्थान देना चाहिए ।लगभग बीस ग्राम चयवनप्राश एक गिलास दूध के साथ नियमित सेवन करने से आप इसके चमत्कारी आशुफलप्रद गुणों से परिचित हो जाएँगे । यह पुनर्यौवन प्रदान करने वाला सर्वश्रेष्ठ आहार है ।
धन्यवाद